Arenium Ion Mechanism For Electrophilic Aromatic Substitution

Arenium Ion Mechanism For Electrophilic Aromatic Substitution.Arenium ion को समझने से पहले हमें यह समझना होगा की  Electrophilic electrophilic substitution क्या हैं.यदि किसी Aromatic Compound जैसे बेंजीन के  हाइड्रोजन को किसी Electrophile या Positive Species (E+)or Electron Deficient Group   के द्वारा प्रतिस्थापित किया जाये तो यह Reaction Electrophilic Substitution कहलाती हैं.

उदहारण के लिए  Nitartion,Halogenation,Friedal Craft Alkylation Friedal Craft Acylation,Sulphonation etc.यह सभी Electrophilic Substitution Reaction हैं.

Arenium Ion Mechanism For Electrophilic Aromatic Substitution

Arenium Ion क्या हैं ?

जब Aromatic  Compound में Electrophilic Substitution Reaction करते हैं तो जो Intermidiate बनता हैं उसे Arenium Ion कहते हैं.यह एरेनियम आयन बेंजीन के एक हाइड्रोजन को किसी electrophile के द्वारा eleminate करने पर बनता हैं जैसे

Arenium Ion Mechanism For Electrophilic Aromatic Substitution
Arenium Ion Mechanism For Electrophilic Aromatic Substitution

डायग्राम में जो सारी Reaction हैं यह सभी Electrophilic Substitution Reaction हैं जिसमे अगर हम पहली Reaction देखे तो यह Reaction हैं -HALOGENATION इसमें HALOGEN ग्रुप (x) बेंजीन रिंग से एक हाइड्रोजन को ELIMINATE करके ADD हो रहा हैं.और इस reaction में इंटरमीडिएट एरेनियम आयन बनता हैं इसी प्रकार से सभी reaction में होता हैं:-ऐसे

Nitration में Nirto ग्रुप द्वारा हाइड्रोजन का Elemination करके एरेनियम आयन बनता हैं,

Sulfonation में SO3H ग्रुप द्वारा हाइड्रोजन का Elemination करके एरेनियम आयन बनता हैं,

Fridal Craft Alkylation  alkyl ग्रुप द्वारा हाइड्रोजन का Elemination करके एरेनियम आयन बनता हैं,

Fridal Craft Acylation  Acyl ग्रुप द्वारा हाइड्रोजन का Elemination करके अरेनियम Ion बनता हैं.

Arenium Ion Features End Mechanism

अब में आपको बताता हूँ की एरेनियम आयन  क्या हैं क्या इसके features हैं और क्या mechanism होती हैं.ऊपर की reaction से ये तो क्लियर हो गया  होगा की एरेनियम आयन कहा कहा और कैसे बनते हैं .अब देखेंगे की एक्चुअल में एरेनियम आयन केसे बनता हैं.

एरेनियम आयन किसी Electrophilic Substitution Reaction में Intermidiate  की तरह कार्य करता हैं.इसके स्ट्रक्चर को यदि देखेंगे तो इसमें दो डबल बांड होते हैं.इसे Cyclohexadienyl  Cation भी कहते हैं.सबसे पहले नीचे एरेनियम आयन का स्ट्रक्चर देखते हैं:-

अरे नियम आयन
अरे नियम आयन

जब बेंजीन पर protonation(add proton H+)  किया जाता हैं तो red color से अंकित प्रोटोन को ऐड करने पर एक डबल बांड ब्रेक होकर अरेनियम आयन में परिवर्तित हो जाता है. एरेनियम आयन(इंटरमीडिएट) बहुत ज्यादा एक्टिव होता हैं.

1907  से  1976 अमेरिकन केमिस्ट जोर्ज विल्लार्ड व्हीलेंड के नाम पर से एक और नाम से पुकारा जाता हैं :व्हीलेंड इंटरमीडिएट भी कहा जाता हैं.

इन्हें सिग्मा काम्प्लेक्स भी कहते हैं.

arenium ion protonation
arenium ion protonation

Arenium Ion Mechanism For Electrophilic Aromatic Substitution

उपर दिए गए चित्र द्वारा बेंजीन में protonation को दिखाया गया हैं .सबसे पहले स्ट्रक्चर में आप देख रहे हैं  कि बेंजीन में  6C और 6H हैं.जब protonation किया जाता हैं. तो प्रोटोन (H+) एक positive species की तरह वर्क करता हैं.

और चूँकि यह प्रोटोन इलेक्ट्रान deficient होता हैं इसलिए यह बेंजीन के उस कार्बन पर जुड़ना चाहेगा जहाँ पर इलेक्ट्रान डेंसिटी ज्यादा होगी.या यूँ कह लीजिये H+प्रोटोन बेंजीन के नेगेटिव part से जुड़ेगा.

अब यह क्वेश्चन उठता हैं कि बेंजीन में नेगेटिव part कोनसा होगा? तो आपको  चित्र में दिख रहा हैं तीन pi बांड बेंजीन में उपस्थित हैं.तीनों डबल बांड protonation के लिए उपलब्ध होते हैं.

कोई भी डबल बांड protonation के समय heterolytic cleavage के द्वारा ब्रेक होकर एक कार्बन पर दोनों इलेक्ट्रान चले जाते हैं जिससे एक कार्बन पर नेगेटिव चार्ज उत्पन्न हो जाता हैं और एक कार्बन पर positive चार्ज उत्पन्न हो जाता हैं.

इस चित्र से स्पस्ट हैं कि एक डबल बांड (pi बांड ) ब्रेक होकर एक कार्बन पर जहाँ नेगेटिव चार्ज था वह प्रोटोन ऐड हो चूका हैं और दुसरे कार्बन पर positive चार्ज दिख रहा हैं.जिस कार्बन पर positive चार्ज हैं वह से लेकर 5 कार्बन तक शेष बचे pi इलेक्ट्रान delocalised होते हैं.जिससे नेक्स्ट चित्र में …थर्ड चित्र

इस चित्र में बेंजीन रिंग के अन्दर पॉइंटेड रिंग कार्बन नंबर 2 से 5 तक शो हैं इसे ही अरेनियम आयन कहते हैं.

एरेनियम आयन की अनुनाद संरचना

इस स्ट्रक्चर में pi इलेक्ट्रान का 5 कार्बन एटम पर Delocalisation को दिखाया गया है.

उपर के उदाहरण के आधार  पर  अरेनियम आयन की डेफिनिशन को इस प्रकार लिख सकते हैं.

“Arenes के इलेक्ट्रोफिलिक एरोमेटिक प्रतिस्थापन के अनुनाद स्थिर कार्बोकेशन मध्यवर्ती को एरेनियम आयन कहा जाता है”

अब हम Arenes के example लेकर  एरोमेटिक एलेक्ट्रोफिलिक Substitution Reaction की Mechanism को समझेंगे.

 

 

acarbani

इस ब्लॉग में एम.एससी. रसायन शास्त्र प्रथम सेमेस्टर से लेकर एम.एससी.अंतिम वर्ष की कार्बनिक रसायन की समस्त यूनिट की विस्तृत जानकारी मिलेगी.

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